View English website... होम :: हमसे संपर्क करें :: साइटमैप
भा. कृ. अनु. प. - केन्द्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान
ICAR - CENTRAL AVIAN RESEARCH INSTITUTE
AN ISO 9001:2008 CERTIFIED INSTITUTE
Please click to view website in English......
संस्थान के बारे में होम : संस्थान के बारे में

हमारे देश में तीसरे दशक के दौरान ग्रामीण अर्थ-व्यवस्था में सुधार करने एवं कुपोषण को दूर करने में कुक्कुट पालन की भूमिका सिद्ध हो चुकी थी। राॅयल कमीशन आॅफ एग्रीकल्चर (1927) की संस्तुति पर इम्पीरियल (अब भारतीय) पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), इज्जतनगर, बरेली (उ.प्र.) में 11 मार्च, 1939 को अलग से कुक्कुट अनुसंधान अनुभाग की स्थापना की गई, जिसे बाद में पाँचवें दशक के मध्य में उन्नत कर कुक्कुट अनुसंधान प्रभाग (पीआरडी) बना दिया गया, जो श्री मैकडोनाल्ड (1939-1947), डाॅ0 एस.सी अय्यर (1949-1955), डाॅ0 एस. बोस (1958-1968), डाॅ0 बी. पण्डा (1969-1979) जैसी महान विभूतियों एवं उनके बाद के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के मार्ग-दर्शन में भारतीय कुक्कुट क्षेत्र के वृद्धि एवं विकास में अनवरत महत्वपूर्ण एवं सार्थक भूमिका का निर्वाह किया। सातवें दशक के दौरान कुक्कुट अनुसंधान प्रभाग ने उल्लेखनीय प्रगति की और भारत का सबसे बडा़ कुक्कुट अनुसंधान इकाई बन गया। 1971 के दौरान इस प्रभाग में कुक्कुट प्रजनन पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (एआईसीआरपी) प्रारंभ की गई और देश के विभिन्न भागों में इस परियोजना के 14 केन्द्र बनाए गए। बाद मे संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के अन्तर्गत भारत में कुक्कुट अनुसंधान एवं विकास के लिए जरूरतमंद लोगों को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से इस प्रभाग को कुक्कुट विज्ञान में शिक्षण के सर्वोत्तम केन्द्र के रूप में स्थापित किया गया। देश में कुक्कुट अनुसंधान के महत्व को समझते हुए तथा भारत में कुक्कुट उत्पादन की प्रगति के लिए सभी प्रकार की सुविधाएँ प्रदान करने हेतु भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा कुक्कुट अनुसंधान प्रभाग तथा कुक्कुट प्रजनन पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना, दोनों को मिलाकर 02 नवम्बर,1979 को इज्जतनगर, बरेली (उ.प्र.) में केन्द्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई) नामक संस्थान की स्थापना की गई, जो कई वर्षो तक राष्ट्र-सेवा करने के बाद देश में कुक्कुट अनुसंधान का एक प्रमुख संस्थान बन गया। वर्तमान में इस संस्थान का मुख्य परिसर भारत में गंगा के उत्तरी मैदानी भाग के मध्य में 28o अक्षांश तथा 78-79o देशान्तर के बीच उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), इज्जतनगर परिसर में स्थित है। यह संस्थान दिल्ली से दक्षिण -पूर्व की दिशा में लगभग 250 कि.मी. की दूरी पर अवस्थित है। 54 एकड़ के क्षेत्रफल में फैले इस संस्थान में एक प्रशासनिक भवन, सभा कक्ष (कॉन्फ्रेंस हाॅल), संग्रहालय, पुस्तकालय, कुक्कुट विज्ञान की विभिन्न शाखाओं से संबंधित प्रयोगशालाओं से युक्त चार भवन-खण्डों, आठ प्रयोगात्मक फॉर्मों, हैचरी, आहार प्रसंस्करण इकाई, अर्द्ध-स्वचालित कुक्कुट प्रसंस्करण सह- रेंडरिंग इकाई एवं प्रशिक्षणार्थी छात्रावास-सह-अतिथि गृह आदि मौजूद हैं। संस्थान का एकमात्र क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्र 26 जुलाई, 1992 को कटक (ओडि़सा) में स्थापित किया गया, जिसे बाद में अक्टूबर, 1998 के दौरान भुवनेश्वर (ओड़िसा) में स्थानान्तरित कर दिया गया।

देश में घरेलू आय तथा पौषाणिक सुरक्षा हेतु सतत कुक्कुट पालन के लिए विविधीकृत कुक्कुट प्रजातियों की उत्पादकता एवं लाभ में वृद्धि करना तथा रोजगार सृजन को बढ़ावा देना इस संस्थान का प्रमुख उद्देश्य है। अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए संस्थान द्वारा अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रमों को इस प्रकार से लागू किया जा रहा है कि रोजगार के अतिरिक्त अवसर उत्पन्न करने, लाभ में वृद्धि करने तथा कुक्कुट विज्ञान के सभी क्षेत्रों में आवश्यक अनुसंधान, शिक्षा, प्रशिक्षण एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरित करने संबंधी सहायता प्रदान करने के संदर्भ में उपयुक्त कुक्कुट उत्पादन तथा प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों को विकसित एवं लोकप्रिय किया जा सके। संस्थान द्वारा कुक्कुट क्षेत्र की वर्तमान समस्याओं तथा भावी मांगों/अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए अपने अनुसंधान तथा विकासात्मक कार्यक्रमों की समीक्षा एवं नवीनतम बनाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, संस्थान द्वारा कुक्कुट विज्ञान की सभी शाखाओं में अनुसंधान करने के उद्देश्य से कुक्कुट पालन में राष्ट्रीय डिप्लोमा (एनडीपीएच) के साथ-साथ भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, समतुल्य विश्वविद्यालय, इज्जतनगर के सहयोग से स्नातकोत्तर (एम.वी.एससी) तथा डाॅक्टोरल (पी.एचडी) उपाधियाँ भी प्रदान की जाती हैं।

अधिदेशः

मुख्य संस्थानः

  • विविधीकृत कुक्कुट उत्पादन से संबंधित सभी शाखाओं में मौलिक, प्रायोगिक तथा अंगीकारक अनुसंधान करना।
  • कुक्कुट उत्पादों तथा उप-उत्पादों के मूल्य संवर्द्धन, गुणवत्ता, प्रभावी प्रसंस्करण तथा विपणन के लिए उत्पादनोत्तर प्रौद्योगिकियों को विकसित करना।
  • कक्कुट विज्ञान एवं इसके सहयोगी क्षेत्रों में विशिष्ट प्रशिक्षण एवं स्नातकोत्तर शिक्षा प्रदान करना।
  • सार्थक एवं मूल्य प्रभावी पद्धतियों का प्रयोग करते हुए अन्तिम उपभोक्ताओं तक प्रमाणित प्रौद्योगिकियाँ हस्तांतरित करना।
  • विविधीकृत कुक्कुट उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन (मूल्य-श्रृंखला) के सभी पहलुओं पर संदर्भीय तथा परामर्शी सेवाएँ प्रदान करना।

क्षेत्रीय केन्द्र

  • देशी तथा बाह्य (विदेशी) दोनों प्रकार के बत्तखों के उत्पादन के विभिन्न पहलुओं पर अनुसंधान करना।
  • बैकयार्ड कुक्कुट उत्पादन पर अनुसंधान करना तथा इसके विभिन्न पहलुओं पर एकमुश्त कार्य विकसित करना।
  • देशी जनन द्रव्य का संरक्षण एवं अनुरक्षण करना तथा सीएआरआई में विकसित अधिक उत्पादन वाले पक्षियों का परीक्षण करना।
  • लाभार्थियों के बीच बत्तख पालन को लोकप्रिय बनाना।