कुक्कुुट आहार में पौषाणिक तत्वों का आधुनिकीकरण

अण्डे तथा मांस वाली मुर्गियों,बटेरों,गिनी फाउल,टर्की आदि कुक्कुट के विभिन्न वर्गों के लिए आहारीय पोषक तत्वों जैसे-प्रोटीन ऊर्जा,अमिनों अम्ल,कुट खनिजों तथा विटामिनों की आवश्यकता तथा जैव उपलब्धता के अनुसार पक्षियों की आनुवंशिक संभावनाओं में निरंतर बदलाव होता रहता है। ऊर्जा तथा प्रोटीन लाईसिन तथा मेथिओनिन; विटामिन डी-3,कैल्शियम तथा फास्फोरस; जिंक तथा मैंगजीन; सेलेनियम तथा विटामिन ई; लाईसिन,फोलिक अम्ल तथा बायोटिन आदि आहारीय पोशको के अन्तसंबंध निर्धारित किये गये हैं। कुछ क्रान्तिक अमनों अम्लों की बृहद रूप् में आपूर्ति करके वर्द्धनशील चूजों, लेयरों,ब्रायलरों तथा बटेरों में आहारीय प्रोटीन आवश्यकता का कम करना व्यावहारिक रहा हैं। ब्रायलर बटेरों के आहार में डीएल मेथिओनिन तथा मेथिओनिन हाइड्रोक्साइल के समानान्तर तत्व का तुलनात्मक प्रभाव स्थापित हो चुका है। ब्रायलर तथा अण्डा देने वाली वर्द्धनशील बटेरों के लिए आहारीय मानकों के विकास हेतु सफलता पूर्वक विभाजित किया गया है। कुक्कुट पालकों,आहार निर्माताओं,अनुसंधानकताओं तथा भारतीय मानक ब्यूरों (बीआईएस) द्वारा इन संस्तुतियों का प्रयोग किया जा रहा है।

कुक्कुट आहार में उपयोग होने वाले वैकल्पिक खाद्य पदार्थो के स्रोत

विभिन्न भौगोलिक स्थितियों तथा कृषि जलवायु के कारण भारत में आहार के लिए बहुत अधिक संख्या में कच्चे पदार्थ पैदा किए जाते है। वैकल्पिक आहार संसाधनों जैसे -सूर्यमुखी की खल, मक्का ग्लूटेन मील,रेपसीड/सरसो की खल,चावल की कनी,गेहूँ का चोकर ग्वार मील,बिनौले की खल,टैपियोका,सनफ्लावर केक,नाइजर मील,बाजरा,शीरा,सेब के फल का गूदा,टूटे चावल,नीम के बीज की गिरी आदि के पौषाणिक तथा आहार मान के आधार आंकड़े विकसित किए गए है। इसके अतिरिक्त,पौषाणिक अनाजों तथा कृषि-उद्योग उप-उत्पाद जैसे वैकल्पिक आहार संसाधनों को शामिल करके विभिन्न कुक्कुट पशुधनों के लिए प्रौद्योगिकियाँ तथा कम लागत के आहार को तैयार करने के सूत्र को सफलता पूर्वक विकसित किया गया है। पौषाणिक अनाजों जैसे-ज्वार,बाजरा,मडुआ,साॅवा तथा चावल की कनी एवं तेल बीज अवशिष्टों जैसे-रेप सीड मील,काटन सीड मील,सीसम मील,मूंगफली मील सनफ्लावर सीड मील,सेफ्लावर सीड मील तथा नाइजर मील आदि वर्गो में अनेक संघटकों का कुक्कुट राशन में उनके प्रभावशाली उपयेाग के लिए अकेले अथवा संयोजित रूप से परीक्षण किया गया। कम लागत के आहार सूत्रों को किसानों के फार्मो पर परीक्षण करके विकसित किया गया जिसके परिणाम उत्साहजनक रहे और किसानों तथा मेकफीड पोल्ट्री साफ्टवेयर के आधुनिकीकरण के लिए इसका प्रयोग किया जा रहा है।

जैव प्रौद्योगिकी एवं खाद्य योगजो का प्रयोग

विभिन्न प्रकार के भौतिक,रासायनिक तथा जैविक उपचारो जैसे-पानी में धुलाई कर,गीला कर (इंजाइम के साथ तथा इंजाइम के बिना पुनः संयोजित कर),सुखा कर (आहार को स्वास्थ्य कर बनाने के लिए अम्लीकृत सोडियम क्लोराइट उचार के द्वारा), भूनकर,आटोक्लेव कर,अल्कली तथा अम्ल उपचारों के द्वारा कवक उपचार तथा आहार संघटको का किण्वन कर आहारीय अनाजों के पौषाणिक मान में वृद्धि की गई। ब्रायलर के चूजों,अण्डे वाली मुर्गियों गिनीफाउल तथा बटेरों के आहार में सूक्ष्म जैवीय फाइटेस को मिलाने से फाॅस्फोरस के उपयोग में महत्वपूर्ण रूप से सुधार हुआ है, जिससे मंहगे डाई-कैल्शियम फॉस्फेट के पूरण में कमी हो सकी है। सनफ्लावर सीड मील,मक्का -मडुआ अथवा मक्का-ज्वार आधारित ब्रायलर स्टार्टिंग अथवा फिनिशिंग आहारो को सुधारने में इंजाइम को पूरक के रूप में देने से लाभकारी पाया गया है। प्लीयूरोटस सजार्काजु का प्रयोग करके ठोस सबस्ट्रेट किण्वन तकनीक से बटेर बीट के पौषाणिक मान में सुधार किया गया। इसी प्रकार एस्परजिलस नाइजर का प्रयोग करके भूने हुए ग्वार मील के पौषाणिक मान को बढ़ाया गया। कुक्कुट के प्रदर्शन एवं प्रतिरक्षा अनुक्रिया में वृद्धि के लिए खनिज चीलेट्स,प्रीबायोटिक्स तथा प्रोबायोटिक्स तथा कार्बनिक अम्लों,फीड सैनीटाइजरों की आहारीय संपूरक की भूमिका को भी स्थापित किया जा चुका है। विभिन्न प्रकार से परिवर्तित आनुवंशिकी अभियांत्रिकीय फसलों (बीटी,काॅटन,बीटी ब्रिजल तथा प्रोटीन की गुणवत्ता युक्त मक्का) का सुरक्षात्मक पक्ष तथा आहार मान स्थापित हो चुका है।

पोषक रोधी घटकों का पता लगाना एवं उनको हटाना

पोषक-रोधी तथ्यों का तात्पर्य है- विभिन्न आहारों में कवक विषयों तथा कीटनाशी अवशिष्टों की मौजूदगी। सुरक्षात्मक, खाद्य उत्पादन की प्रक्रिया मे इनकों प्रभावशाली ढंग से सुधारने के लिए उपाय खोज लिए गए हैं विभिन्न प्रकार की मुर्गियों मे आहारीय अफ्लाटाॅक्सिन के सहनशीलता स्तर को निम्न प्रकार से निर्धारित किया गया है।

ह्वाइट लेगहाॅर्न के चूजे : 150 पीपीबी
शुद्ध नस्ल के ब्रायलर चूजे : 200 पीपीबी
संकर नस्ल के ब्रायलर चूजे : 400 पीपीबी
बटेर स्टार्टर चूजे : 300 पीपीबी
लेयर बटेर : 300 पीपीबी
गिनी फाउल के चूजे : 1500 पीपीबी

अफ्लाटाॅक्सिन के विष को दूर करने के लिए आहारीय प्रोटीन की मात्रा में वृद्धि,मेथिओनिन अथवा कोलीन,वनस्पति तेल (विटामिन ई तथा कोलीन की बढ़ी हुई मात्रा के साथ), सक्रियित काठ कोयला, जलयुक्त सोडियम कैल्शियम एल्यूमिनों सिलीकेट (एचएससीएएस),बीएचए तथा सेलीनियम को मिलाना लाभकारी पाया गया है।

ब्रायलर के आहार में आहारीय फेनवेलरेट (एफईएन) तथा मिथाइल पैराभियाॅन (एमपीए) का सहनशील स्तर 50 तथा 20 पीपीएम के रूप् में निर्धारित किया गया है। ब्रालयर मे सक्रियित काठ कोयला (0.25ः) 100 पीपीएम फेन के विष को दूर करने में सक्षम है तथा आहार में 25 पीपीए एमपीए से ब्रायलर के प्रदर्शन को सुरक्षित रखने में आंशिक रूप से प्रभावशाली पाया गया है। आहार में फेनवेलरेट की 50 पीपीएम तथा मिथाइल पैराथियाॅन कीटनाशी की 25पीपीएम मात्रा के साथ टोक्सोर्ब 2 गा0 /कि. की दर से पूरक के रूप् में देने से ब्रायलर मुर्गियों में इन कीटनाशियो के प्रतिकूल प्रभाव को दूर करने में प्रभावशाली पाया गया है। टोक्सोर्ब को पूरक के रूप् में देने से बटेर चूजो में फेनबेलरेट तथा मिथाइल पैराथियान कीटनाशियों के प्रतिकूल प्रभाव को दूर करने में लाभदायक पाया गया है।

आहारीय सूत्र तैयार करने के लिए कम्प्यूटर साफ्टवेयरों का विकास

आहारीय सूत्र तैयार करने के लिए ‘‘मेकफीड पोल्ट्री’’ नामक विस्तृत सॉफ्टवेयर विकसित किये गये है। इन्हें कुक्कुट पोषणविदो एवं डेयरी विशेषज्ञों ने मिलकर तैयार किया है। ये आधुनिक प्रौद्योगिकी के ज्ञान एवं मानक पर आधारित हैं तथा कुक्कुट एवं डेयर उद्यमियों के लिए अत्यधिक उपयोगी है। विंडो आधारित अद्वितीय सॉफ्टवेयर हैं जिनमें कुक्कुट की विभिन्न प्रजातियों जैसे लेयर तथा ब्रायलर मुर्गियों,बटेर गिनी फाउल डेयरी पशुओं जैसे गाय तथा भैसों आदि से अधिकतम उत्पादन प्राप्त करने के लिए उपयुक्त तथा संतुलित आहार तैयार करने हेतु सूत्र दिए गए है। मेकफीड एक व्यावहारिक सॉफ्टवेयर है,जिसका उपयोग कम्प्यूटर का साधारण ज्ञान रखने वाला व्यक्ति भी कुशलता से कर सकता है। इसमें विभिन्न आहार संघटकों के पौषणिक मान से संबंधित व्यापक सूचनाएँ दी गई है। इसके साथ ही साथ प्रत्येक आहार संघटकों को शामिल करने की अधिकतम सीमा से संबंधित जानकारी भी दी गई है। प्रयोगकर्ता के पास इसका विकल्प है, कि दिए गए आहार अवयवों के सम्पूर्ण आँकडो़ को संपादित कर उसमे उचित सुधार कर सकता है। पौशणिक संयोजनों तथा आहार संघटकों की उपलब्धता में बदलाव के कारण किसी विशेष आहार संघटक को निकाला या जोड़ा़ जा सकता है। मेकफीड पोल्ट्री सॉफ्टवेयर पैकेज की कीमत रू0 1500/- मात्र है तथा मेकफीड डेयरी की कीमत रू02000/-मात्र है।इसमें सॉफ्टवेयर युक्त कम्पैक्ट डिस्क (सीडी) तथा एक विस्तृत प्रयोगकर्ता मैनुअल दिया गया है। जो लोग इस सॉफ्टवेयर को डाक द्वारा मंगवाना चाहते है, वे कृपया सॉफ्टवेयर की कीमत के अतिरिक्त प्रतिलिपि तैयार करने,सँभालने तथा डाक खर्च आदि के लिए रू0 100/-अतिरिक्त भेजने का कष्ट करें।

आहार तथा आहार संघटको का गुणवत्ता नियंत्रण एवं विश्लेषण

पोषण विभाग की प्रयोगशालाएँ आधुनिक उपकरणों एवं साजों -सामान से सुसज्जित है। इनमें उद्योगों,सरकारी एजेंसियों तथा किसानों से प्राप्त विभिन्न आहार संघटकों तथा मिश्रित आहारों/सांद्रणों में अनुमानित तत्वों,खनिजों,मिलावटों तथा विषों का पता लगाने के लिए परीक्षण किया जाता है।

आहार विश्लेषण की दरें


क्र.म. आहार परीक्षण परीक्षण/दरें (रू0)
1. आर्द्रता (नमी) 20/-
2. क्रूड प्रोटीन 50/-
3. क्रूड फाइबर 50/-
4. ईथर सत्व 50/-
5. सम्पूर्ण राख 50/-
6. अम्ल में घुलनशील राख (बालू तथा सिलिका) 80/-
7. कैल्शियम 50/-
8. कुल फॉस्फोरस 50/-
9. सम्पूर्ण विश्लेषण (क्र.सं. 1 से 8) 350/-
10 सकल ऊर्जा 50/-
11. सामान्य नमक  (सोडियम क्लोराइड) 50/-
12. नाॅन-प्रोटीन नाइट्रोजन 100/-
13. यूरीयेज क्रियाशीलता 150/-
14. टैनिन्स 150/-
15. ग्लूकोसाइनोलेट्स 150/-
16. अफ्लाटाॅक्सिन 150/-
17. जिंक 100/-
18. मैगनीज 100/-
19. आयरन (लोहा)                          100/-
20. काॅपर (ताँबा) 100/-
  • परीक्षण शुल्क का डिमांड ड्राॅफ्ट और आहार नमूना प्राप्ति के एक सप्ताह के अन्दर विश्लेषण रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाती है।
  • आहार नमूने कम से कम 100 ग्राम मात्रा को सीलबंद पैकेट में भेजना आवश्यक है।
  • विश्लेषण रिपोर्ट को स्पीड पोस्ट/कोरियर से मंगाने हेतु रूपये 50/- की अतिरिक्त धनराशि साथ में भेजनी होगी। रिपोर्ट को फैक्स अथवा ई-मेल द्वारा भी भेजा जा सकता है।
  • विश्लेषण रिपोर्ट कानूनी प्रक्रिया के लिए वैध नही है।

डिजाइनर अण्डे तथा मांस के लिए आहारीय मॉडुलेशन (अधिमिश्रक)

कुक्कुट मांस तथा अण्डों की पहले से ही छवि अच्छी रही है। विशिष्ट प्रयोजनों के लिए उपभोक्ताओं की जरूरत तथा किसी विशेष समारोह में प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए इन्हें और अधिक डिजाइन किया जाना है। गुग्गुल (कोमीफेरा मुकुल) को अकेले अथवा अर्जुन (टर्मिनालिया अर्जुना), दालचीनी (सिन्नामोमम वेरूम) तथा आवला (एम्बिलिका आॅफिसनेलिस) के साथ मुर्गी के आहार में सम्पूर्णतः से 6 सप्ताह और उससे आगे जर्दी कोलेस्टेराॅल में क्रमशः 19.5% तथा 18.2% कमी आई है। आहार में काॅपर सल्फेट के 125 मि.गा. सीयू/कि.ग्रा. संपूरण से जर्दी में कोलेस्टेराल की मात्रा को 18% कम करने में प्रभावी पाया गया, जबकि लेयर राशन में 300 मि.ग्रा./सी.यू/कि.ग्रा.के साथ 3200 मा.ग्रा. क्रोमियन को मिलाने से जर्दी कोलेस्टेराॅल को 25% तक कम किया जा सकता है। अण्डा देने वाली मुर्गियों के आहार में अटोर्वास्टेटिन 0.03%+ नायसिन 375 पीपीएम+इथाईलीन डाएमीन-टेट्रा एसिटिक एसिड (इडीटीए) 0.5% को मिलाने से जर्दी कोलेस्टेराॅल की मात्रा को 35% तक कम किया गया। मछली के तेल अथवा स्पिरूनिला को मिलाने से अण्डों में ओमेगा -3 वसीय अम्ल प्रचुर मात्रा में पाया गया।

प्राकृतिक रूप से प्राप्त होने वाले ऑक्सीकारक -रोधी विटामिन-ई अथवा अल्फा टोकोफेराॅल से लिपिड आॅक्सीकरण के विलम्बन द्वारा कुक्कुट मांस एवं मांस उत्पादों की सेल्फ अवधि को सुधारने में प्रभावशाली पाया गया। अंतिम 10 दिनों के दौरान आहार में विटामिन ई को 300 मिग्रा कि.ग्रा./की दर से अथवा अंतिम तीन सप्ताह (3-6 सप्ताह) की आयु के दौरान 150 मि.ग्रा./कि.ग्रा. मिलाने से वध पूर्व कुक्कुट मांस की सेल्फ अवधि में सुधार पाया गया। आहार में आहारीय सेलेनियम (एसई) को मिलाने से कुक्कुट मांस की गुणवत्ता प्रभावित हुई आहार में प्रीबायोटिक्स (मेनन-आॅलिगोसैचेराड्स) तथा प्रोबायोटिक्स (बैसिलस सबटिलिस) के संपूरण से मांस की सूक्ष्म जैविकीय गुणवत्ता में सुधार हुआ है।