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भा. कृ. अनु. प. - केन्द्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान
ICAR - CENTRAL AVIAN RESEARCH INSTITUTE
AN ISO 9001:2008 CERTIFIED INSTITUTE
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बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न होम : बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न (1) : इस संस्थान तक कैसे पहुंचा जा सकता है ?
उत्तर : यह संस्थान भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के बरेली जनपद में स्थित है, जो सड़क, रेल तथा वायुमार्ग से अच्छी प्रकार से जुडा़ हुआ है।
प्रश्न (2) : क्या केन्द्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर द्वारा कुक्कुट पालन में प्रशिक्षण दिया जाता है ?
उत्तर : हाँ, इस संस्थान द्वारा कुक्कुट उत्पादन प्रबंधन पर कृषकों को वर्ष में तीन बार छ: दिनों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
प्रश्न (3) : कुक्कुट पालन पर प्रशिक्षण के दौरान कुक्कुट की कौन सी प्रजातियों के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है ?
उत्तर : केन्द्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान के मुख्य परिसर इज्जतनगर, बरेली (उ.प्र.) में लेयर/ब्रायलर मुर्गी, देशी मुर्गी, जापानी बटेर, टर्की तथा गिनी फाउल आदि कुक्कट प्रजातियों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इसके अतिरिक्त, इसके क्षेत्रीय केन्द्र भुवनेश्वर में मुर्गी तथा बत्तख पालन पर भी लघु अवधि प्रशिक्षण दिया जाता है।
प्रश्न (4) : क्या संस्थान द्वारा कुक्कुट आहार फार्मूला तैयार करने एवं विश्लेषण की सुविधा प्रदान की जाती है ?
उत्तर : हाँ, इस संस्थान द्वारा कुक्कुट की विभिन्न प्रजातियों के लिए आहार फार्मूला तैयार करने एवं आहार विश्लेषण की सेवाएं प्रदान की जाती है।
प्रश्न (5) : क्या एक आहार फार्मूला पक्षियों के पूरे वर्ष के आहार के लिए लागू रहता है? क्या आहार फामूर्ले स्थायी होते है ?
उत्तर : नहीं, कुक्कुट आहार फामूर्ले मौसम, कच्चे माल की कीमत तथा उपलब्धता एवं पक्षियों को किस उद्देश्य के लिए पाला गया है, आदि के आधार में बदलते रहते रहते है।
प्रश्न (6) : कुक्कुट उत्पादन में आहार लागत को कैसे कम करें ?
उत्तर : कुक्कुट उत्पादन में उपयुक्त पोषकों की आपूर्ति, कम लागत के स्थानीय उपलब्ध आहार संघटकों के प्रयोग तथा पोषक उपयोग में वृद्धि करके आहार लागत को कम किया जा सकता है।
प्रश्न (7) : क्या संस्थान द्वारा आहार फार्मूला तैयार करने का कोई सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है ?
उत्तर : हाँ, संस्थान द्वारा कुक्कुट की सभी प्रकार की प्रजातियों के लिए न्यूनतम लागत के संतुलित आहार तैयार करने हेतु विंडोज़ आधारित 'मेकफीड पोल्ट्री' (वर्सन 3.0) नामक एक सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है, जिसे कोई भी आसानी से प्रयोग कर सकता है। यह सॉफ्टवेयर चयन किए गए संघटकों तथा राशन के अनुसार मॉडल के मानदण्ड के अनुसार अपने आप आहार फामूर्ला तैयार करता है। आप अपने डाटाबेस में किन्हीं संघटकों को उनके संयोजन तथा लागत के साथ जोड़ सकते हैं। इस सॉफ्टवेयर की कीमत रू0 2600/- है, जिसमें डाकखर्च रू0 100/- शामिल है।
प्रश्न (8) : ग्रीष्मकाल के दौरान मुर्गियाँ बहुधा सफेद छिल्के के अण्डे क्यों देती हैं ?
उत्तर : ग्रीष्मकाल के दौरान ऊष्मा दबाव के कारण मुर्गियाँ कार्बनडाईआँक्साइड को सामान्य की अपेक्षा अधिक मात्रा में उत्सर्जित करती हैं, जिसके कारण उनके रक्त में कार्बनडाईआँक्साइड का सान्द्रण कम हो जाता है, जिससे अण्डे के छिल्के बनाने वाले पदार्थ कार्बोनेट की उपलब्धता कम हो जाती है, और मुर्गियाँ पतले छिल्के के अण्डे देने लगती हैं।
प्रश्न (9) : जननक्षम अण्डे प्राप्त करने के लिए क्या यह जरूरी है, कि मुर्गियों का लगातार दो दिनों तक निषेचि्त किया जाए ?
उत्तर : नहीं, अच्छी जननक्षमता प्राप्त करने के लिए हवाइट लेगहार्न मुर्गियों में सप्ताह में केवल एक बार शाम के कृत्रिम गर्भाधान पर्याप्त होता है।
प्रश्न (10) : क्या पक्षी प्रजातियों के सन्तानों के लिंग निर्धारण नर पक्षियों द्वारा सुनिश्चित होती है।
उत्तर : नहीं, स्तनपाईयों के विपरीत पक्षी प्रजातियों में लिंग निर्धारण मादा पक्षियों के ZW लिंग क्रोमोसोम जबकि नर पक्षियों में ZZ लिंग क्रोमोसोम के द्वारा लिंग निर्धारित होता है।
प्रश्न (11) : पक्षी प्रजातियों में बार-बार संगम क्यों होता है ?
उत्तर : पक्षी प्रजातियों के मामले में सेमनीफेरास ट्यूबुल्स के बृहत व्यास तथा एपिडीडाइमिस जैसे भण्डारण स्थल की कमी के कारण शुक्रजनन की प्रक्रिया तेजी से होती है। पक्षी प्रजातियों मे बार-बार संगम का यही प्रमुख कारण है।
प्रश्न (12) : क्या ऊष्मा दबाव की स्थितियों के अन्तर्गत पक्षियों को पसीना आता है।
उत्तर : नहीं, पक्षियों की त्वचा में पसीने की ग्रंथि नहीं होती है। सामान्यत: पक्षी अपने शरीर के ताप को हाँफ-हाँफ कर उत्सर्जित करते है।
प्रश्न (13) : मूल्यवद्धिर्त अण्डा तथा मुर्ग मांस उत्पादों को तैयार करने की प्रोद्योगिकी को कैसे प्राप्त किया जा सकता है ?
उत्तर : मूल्यवद्धिर्त कुक्कुट उत्पादों को तैयार करने की प्रोद्योगिकी को संस्थान से नाम मात्र की कीमत चुकाकर प्राप्त किया जा सकता है।
प्रश्न (14) : कुक्कुट इकाईयों की स्थापना के लिए बैंक में प्रस्तुत करने के लिए परियोजना तैयार करने में क्या संस्थान द्वारा कोई मदद की जाती है, यदि हाँ, तो क्या प्रभार है और भुगतान का क्या तरीका है ?
उत्तर : हाँ, संस्थान द्वारा बैंक में प्रस्तुत करने योग्य परियोजनाएँ¡ तैयार करने की सुवधिा प्रदान की जाती है। उक्त प्रकार की परियोजनाएँ तैयार करने का प्रभार रू0 600/- प्रति लाख है तथा न्यूनतम प्रभार रू0 3000/- एवं अधिकतम रू0 20000/- है। अपेक्षित प्रभार की नकद धनराशि को संस्थान के रोकड़ियाँ (कैशियर) के पास जमा किया जा सकता है अथवा निदेशक के.प.अ.सं., इज्जतनगर, बरेली के नाम देय बैंक ड्राफ्ट के रूप में भी जमा किया जा सकता है।
प्रश्न (15) : क्या बैंक ॠण की स्वीकृति के लिए संस्थान द्वारा गारण्टी दी जाती है ?
उत्तर : नहीं, बैंक ॠण से संबंधित मामलों में संस्थान का बैकिंग क्षेत्र से कोई संबंध नहीं है। फिर भी इस संबंध में संस्थान द्वारा सहायता/मार्गदर्शन दिया जाता है।