क्षेत्रीय केन्द्र के बारे में
भारत के पूर्वी तथा पूर्वोत्तर भागों में कुक्कुट उत्पादन के विकास को तेजी से बढा़ने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा भुवनेश्वर (ओड़िसा) में केन्द्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान के क्षेत्रीय केन्द्र की स्थापना की गई। इस केन्द्र में कुक्कुट के विभिन्न पहलुओं विशेष रूप से बत्तख उत्पादन पर अनुसंधान कार्य प्रारम्भ किया गया। क्षेत्रीय केन्द्र में पक्षी आनुवंशिकी एवं प्रजनन, पक्षी उत्पादन प्रबंधन, पक्षी पोषण एवं पक्षी औषधि अनुभागों की स्थापना की गई। इसके अतिरिक्त, केन्द्र में हैचरी, प्रयोगात्मक फार्म तथा आहार प्राैद्योगिकी इकाईयाँ भी है, जिनमें मुख्य रूप से बतख अनुसंधान पर कार्य किया जाता है। यद्यपि, इस क्षेत्र में बैकयार्ड कुक्कुट उत्पादन की बढ़ती हुई मांग को पूरा करने के लिए दोहरे उद्दे’य वाली मुर्गी (कारी देबेन्द्रा) के पैरेन्ट स्टॉक को अनुरक्षित किया जा रहा है। बत्तख के चूजों, मुर्गी के चूजों तथा अण्डों की आपूर्ति ही इस केन्द्र के राजस्व अर्जन के प्रमुख स्त्रोत है। केन्द्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान के क्षेत्रीय केन्द्र की स्थापना 26 जुलाई, 1992 को ओड़िसा के कटक जिले में चाओद्वार में की गई। यहाँ केन्द्र के क्रिया-कलापों को किराये के मकान में प्रारम्भ किया गया। ओड़िसा के ग्रामीण किसान कुक्कुट उत्पादन सबंधी कार्यों तथा इससे होने वाले लाभों से बिल्कुल अनभिज्ञ थे। क्षेत्रीय केन्द्र द्वारा उनके बीच जाकर बैकयार्ड कुक्कुट पालन के बारे में जानकारी प्रदान की गई। अक्टूबर 1998 में क्षेत्रीय केन्द्र को भुवनेश्वर के बारामुंडा में किराये के मकान में स्थानान्तरित किया गया। केन्द्रीय कुक्कुट विकास संगठन, भुवनेश्वर के एक शेड में कुछ प्रयोगात्मक पक्षियों को रखकर अनुसंधान कार्य प्रारम्भ किया गया। वर्तमान कार्यालय-सह-प्रयोगशाला भवन का शिलान्यास 21 जून, 2000 को ओड़िसा के माननीय मुख्यमंत्री श्री नवीन पटनायक द्वारा माननीय डॉ0 देबेन्द्र प्रधान, कृषि राज्य मंत्री, भारत-सरकार, तथा सचिव, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ0 आर.एस. परोडा की उपस्थिति में किया गया। क्षेत्रीय केन्द्र के कार्यालय को नए परिसर में 6 अक्टूबर, 2003 को स्थानान्तरित किया गया, जिसका उद्घाटन डॉ0 मंगला राय, सचिव, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग एवं महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा किया गया। तदन्तर, क्षेत्रीय केन्द्र में ब्रूडर शेड, बत्तख शेड प्रयोगात्मक हैचरी तथा फीड प्लान्ट आदि का निर्माण किया गया। वर्तमान में यह परिसर 62 एकड़ भूमि पर स्थित है, जिसमें भा.कृ.अनु.प. के दो संस्थान-कृषक महिला अनुसंधान निदेशालय (Directrate of Research for Women in Agriculture) तथा क्षेत्रीय केन्द्र, के.प.अ.सं., (Regional Center, CARI) स्थित है। यह भूमि मूल रूप से ओड़िसा यूनिवर्सिटी आँफ एग्रीकल्चर एण्ड टैक्नोलॉजी की थी, जिसे बाद में इन दो संस्थानों को स्थापित करने के लिए भा.कृ.अनु.प. को स्थानान्तरित कर दिया गया। यह केन्द्र भुबने’वर में बहुत महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है, जो देश के सभी भागो से सड़क, रेल तथा वायु मार्ग से अच्छी प्रकार से जुडा़ हुआ है।

अवस्थिति तथा जलवायु
क्षेत्रीय केन्द्र, के.प.अ.सं. ओडि़सा राज्य की राजधानी भुवनेश्वर के अति महत्वपूर्ण भाग में स्थित है और भुवनेश्वर को मंदिरों का शहर भी कहा जाता है। यह केन्द्र कलिंग स्टूडियो के सामने तथा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-5 से एक किलोमीटर दूरी पर स्थित है तथा क्षेत्रीय केन्द्र और कृषक महिला अनुसंधान निदेशालय दोनों का परिसर एक ही है। यह परिसर प्रसिद्ध चंडाका एलीफेन्ट सेन्चुरी के ठीक सामने तथा महत्वपूर्ण पयर्टन स्थल खण्डागिरि एवं उदयगिरि से 3 कि.मी. की दूरी पर स्थित है।

सम्पर्क सूत्र
डॉ0 एस.के. मिश्रा प्रभारी अधिकारी
क्षेत्रीय केन्द्र, के.प.अ.सं.
जोकालुंडी, कलिंग स्टूडियो के सामने
भुवनेश्वर-751003 (ओड़िसा)
टेलीफोन नं. 91-674-2600686 फैक्स-91-674-2564950