अधिदेश
1. देशी तथा विदेशी नस्लों के बत्तख उत्पादन के विभिन्न पहलुओं पर अनुसंधान करना।
2. बैकयार्ड पोल्टी प्रोडक्शन पर अनुसंधान करना तथ एकमुश्त कार्यों को विकसित करना।
3. देशज जनन-द्रव्यों का संरक्षण एवं अनुरक्षण करना तथा के.प.अ.सं. द्वारा विकसित अधिक उपज वाले पक्षियों का परीक्षण करना।
4. लाभार्थियों के बीच बत्तख पालन को लोकप्रिय करना।
स्थापना:
वर्तमान में क्षेत्रीय केन्द्र में प्रशासनिक-सह-प्रयोगशाला भवन (11 कमरे) सहित बत्तख के दो शेड, एक ब्रूडर हाउस, एक हैचरी, एक फीड प्रोसेसिंग यूनिट, एक स्टोर रूम एक प्रयोगात्मक शेड, एक प्रयोगात्मक तालाब, एक पम्प हउस, दो ट्रांसफार्मर, एक जीप तथा एक टैक्टर आदि हैं। प्रयोगशाला प्रयोग कार्य हेतु आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित हैं। क्षेत्रीय केन्द्र में विकसित विभिन्न प्रकार की सुविधाओं को कालक्रम के अनुसार नीचे दिया गया है:
क्र. सं. वर्ष विकसित संरचना
1 2003 प्रशासनिक भवन-सह प्रयोगशालाएँ(4 प्रयोगशालाएं)
2 2004 प्रयोगात्मक हैचरी
3 2005 ओल्ड डक शेड
4 2005 ब्रूडर-सह-गोवर शेड
5 2006 नया बत्तख शेड
6 2007 फीड प्लान्ट
7 2007 टैक्टर
8 2009 व्यावसायिक मुर्गी के लिए पुराने डेरी शेड का जीर्णोंद्धार।
9 2011 बत्तख के तीन नए शेड