विशेष रूप से देश की विभिन्न जलवायु क्षेत्रों के लिए उपयुक्त देशी मुर्गी के साथ आधार बनाकर बैकयार्ड कुक्कुट पालन के लिए अधिक उत्पादन वाले चार प्रकार के जनन-द्रव्यों को विकसित किया गया है। इन पक्षियों को 50 प्रतिशत देशी तथा 50 प्रतिशत विदेशी रक्त के मिश्रण एवं अन्य विशेषताओं के साथ इस प्रकार विकसित किया गया है। ताकि उन्हें आसानी से घर के पिछवाडे़ पाला जा सके। ये मुर्गियाँ बिल्कुल देशी मुर्गियों के समान दिखाई देती है तथा बडे़ आकार के अण्डे एवं अधिक भार के साथ इनका अण्डा उत्पादन दो या तीन गुना अधिक है।ये उष्णकटिबंधीय जलवायु के अनुकूल होती हैं तथा खराब आहार एवं प्रबंधन स्थितियों के बावजूद भी इनमें रोग प्रतिरोंधक क्षमता अधिक होती है।

कैरी निर्भीक

यह भारतीय देशी मुर्गी की असील नस्ल के साथ कैरी रेड के संकरण से विकसित की गई है। ये मुर्गियाँ क्रियाशील, आकार में बड़ी, अत्यधिक शक्तिशाली,तेज-तर्रार चाल वाली एवं स्वभाव से लड़ाकू होती है। अपने लडा़कू तथा फुर्तीले स्वभाव के कारण ये परभक्षियों से अपनी सुरक्षा करने में सक्षम तथा देश की समस्त जलवायु परिस्थितियों के लिए उपयुक्त होती है।

उत्पादन विशिष्टताएँ
20 सप्ताह की आयु पर शरीर भार (नर) 1847ग्राम
20 सप्ताह की आयु पर शरीर भार (मादा) 1350 ग्राम
लैगिंक परिपक्वता की आयु 176 दिन
वार्षिक अण्डा उत्पादन 198
40 सप्ताह की आयु पर अण्डे का भार 54 ग्राम
जनन क्षमता 88%
हैचेबिलिटी (एफ.ई.एस.) 81%

कैरी श्यामा

यह भारतीय देशी मुर्गी की कड़कनाथ नस्ल तथा कैरी रेड के संकरण से विकसित की गई है। ये पक्षी रंगीन होते है तथा उसमें काले रंग की अधिकता होती है। इस मुर्गी की त्वचा,चोच, टाँग,पंजे,पंजे के तलवे गहरे धूसर रंग के होते है। इस पक्षी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके शरीर के अधिकांश आन्तरिक अंग काले रंग के होते है। काले रंग की यह विभिन्नता उनकी कंकालीय मांसपेशियों,नसों,स्नायुयों,नलिकाओं,मस्तिष्क तथा अस्थिमज्जा पर भी दिखाई पड़ती है।इन मुर्गियो की मांस पेशियों तथा ऊतकों का काला रंग इसलिए होता है क्योंकि उनपर मेलानिन रंग द्रव्य जमा होता है जिस कारण इनके मांस में प्रोटीन की मात्रा अधिक तथा वसा एवं मांसल रेशा कम होता है। जनजातीय समूहों द्वारा काला मांस अधिक पसन्द किए जाने के कारण इस नस्ल के पक्षी आदिवासी क्षेत्रों में पालन हेतु आदर्श है।

उत्पादन विशिष्टताएँ
20 सप्ताह कीआयु पर शरीर भार (नर) 1460 ग्राम
20 सप्ताह की आयु पर शरीर भार (मादा) 1120 ग्राम
लैगिंक परिपक्वता की आयु 170 दिन
वार्षिक अण्डा उत्पादन 210
40 सप्ताह की आयु पर अण्डे का भार 53 ग्राम
जनन क्षमता 85%
हैचेबिलिटी (एफ.ई.एस.) 82%

उपकारी

उपकारी पक्षियों को फ्रिजिल पक्षति वाली भारतीय देशी मुर्गी को कैरी रेड के साथ संकरण से विकसित किया गया है।ये बहुरंगी पक्षी एक कलगी वाले तथा मध्यम आकार के होते है। फ्रिजिल पक्षति होने के कारण इन पक्षियों के शरीर से तेजी से गर्मी निकल जाती है,जिस कारण ये मुर्गियां उष्टकटिबन्धीय जलवायु विशेषकर शुष्क क्षेत्रो के लिए अधिक उपयुक्त है।

उत्पादन विशिष्टताएँ
20 सप्ताह कीआयु पर शरीर भार (नर) 1688 ग्राम
20 सप्ताह की आयु पर शरीर भार (मादा) 1285 ग्राम
लैगिंक परिपक्वता की आयु 165 दिन
वार्षिक अण्डा उत्पादन 220
40 सप्ताह की आयु पर अण्डे का भार 60 ग्राम
जनन क्षमता 90%
हैचेबिलिटी (एफ.ई.एस.) 84%

हितकारी

हितकारी मुर्गी को भारतीय देशी मुर्गी नेकेडनेक और विदेशी मुर्गी कैरी रेड के संकरण से विकसित किया गया है। इस नस्ल की मुर्गियों की गरदन पर बाल नहीं होते तथा शरीर पर 30-40% तक पृच्छ की कमी होती है।शरीर पर पृच्छों की कमी के कारण आन्तरिक गर्मी निकलने में सहायक होती है, जिससे यह पक्षी उष्णकटिबन्धीय क्षेत्रों में पालन के अनुकूल होते है और अत्यधिक गर्मी के मौसम में भी इनके अण्डा उत्पादन और अण्डे के छिल्के की मोटाई में कमी नही होती गर्मी के मौसम के दौरान इन पक्षियों ताप प्रत्याबल से होने वाली मृत्युदर में कमी,जनन क्षमता तथा हैचेबिलिटी में वृद्धि और किशोरों में विकास के लिए कम प्रोटीन की आवश्यकता होती है। यह मुर्गी गर्म आर्द्र तटीय क्षेत्रों मे पालने के लिए बहुत अधि उपयुक्त है।

उत्पादन विशिष्टताएँ
20 सप्ताह की आयु पर शरीर भार (नर) 1756 ग्राम
20 सप्ताह की आयु पर शरीर भार (मादा) 1320 ग्राम
लैगिंक परिपक्वता की आयु 178 दिन
वार्षिक अण्डा उत्पादन 200
40 सप्ताह की आयु पर अण्डे का भार 61 ग्राम
जनन क्षमता 92%
हैचेबिलिटी (एफ.ई.एस.) 81%